हैल्लो दोस्तों,
हम सब तनाव से दो चार होते रहते हैं, जब तक यह कभी कभार यह होता है या जब ही होता है यदि तब शीघ्र इससे उबर जाते हैं तब तक तो ठीक है क्योंकि सुख दुःख जिन्दगी के हिस्से हैं और ये आते जाते... View Moreहैल्लो दोस्तों,
हम सब तनाव से दो चार होते रहते हैं, जब तक यह कभी कभार यह होता है या जब ही होता है यदि तब शीघ्र इससे उबर जाते हैं तब तक तो ठीक है क्योंकि सुख दुःख जिन्दगी के हिस्से हैं और ये आते जाते रहते हैं परन्तु जब तनाव बराबर बना रहता है या इससे जल्द उबर नहीं पाते हैं तो यह हमारे लिए स्थायी रूप से दुख का, अशांति का, क्षोभ का, गुस्से का, भय का, परेशानी का, आदि आदि का कारण बनता है । इसके साथ-साथ तनाव कई तरह की शारीरिक और मानसिक बिमारियों की वजह बनता है । सोचने वाली बात है आजकल तो छोटे-छोटे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी तनाव ग्रस्त रहते हैं ।
आप सबसे सवाल ये
आपकी नजर में तनाव (Tension) क्या है ? और इससे उबरने के क्या उपाय हैं?